Salute K9 Rolo : छत्तीसगढ़ और तेलंगाना की सीमा पर स्थित कर्रेगुट्टा की पहाड़ियों में नक्सलियों के खिलाफ ‘ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट’ चलाया गया, जिसमें सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली। इस अभियान में जहां वीर जवानों ने बहादुरी दिखाई, वहीं एक और साहसी साथी, K9 रोलो (डॉग) ने भी अहम भूमिका निभाई। नक्सल विरोधी इस कार्रवाई में रोलो ने पूरी सतर्कता और निडरता के साथ जवानों का साथ निभाया और अभियान की सफलता में योगदान दिया।

वापसी में दर्दनाक हादसा, K9 रोलो ने तोड़ा दम
ऑपरेशन से लौटते समय एक बेहद दुखद घटना घटी। अचानक मधुमक्खियों के एक झुंड ने K9 रोलो और उसके हैंडलर पर हमला कर दिया। स्थिति को भांपते हुए जवानों ने तुरंत प्रतिक्रिया दी और रोलो को बचाने के लिए उसे पॉलीथीन शीट से ढक दिया, लेकिन यह प्रयास नाकाम रहा। मधुमक्खियां शीट के अंदर घुस गईं और रोलो पर लगातार डंक मारने लगीं।
मधुमक्खियों के डंक से रोलो को तेज दर्द और जलन होने लगी, जिससे वह असहनीय पीड़ा में आ गया। उसे तत्काल इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी हालत और बिगड़ गई। दुर्भाग्य से अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई। पशु चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
बहादुर साथी K9 रोलो को अंतिम सलामी

CRPF के जवानों ने अपने बहादुर साथी K9 रोलो को नम आंखों से अंतिम विदाई दी। उसे पूरे सम्मान के साथ गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। CRPF के महानिदेशक जीपी सिंह ने रोलो को मरणोपरांत सम्मानित करने की घोषणा की, जिससे उसकी वीरता और समर्पण को औपचारिक रूप से मान्यता मिली।
हाल ही में हुआ था तैनात
K9 रोलो का जन्म 5 अप्रैल 2023 को हुआ था। वह इन्फैंट्री पेट्रोलिंग, विस्फोटक खोज और आक्रमण जैसी विशेष क्षमताओं में प्रशिक्षित था। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद उसे पिछले महीने ही सुकमा जिले में तैनात किया गया था, जहां वह सीआरपीएफ की 228वीं बटालियन के साथ नक्सल विरोधी अभियानों का हिस्सा बना।
एक सच्चा योद्धा और साथी
भले ही K9 रोलो अब हमारे बीच नहीं है, लेकिन उसकी बहादुरी, निष्ठा और बलिदान को हमेशा गर्व और सम्मान के साथ याद किया जाएगा। वह सिर्फ एक खोजी कुत्ता नहीं था, बल्कि एक सच्चा योद्धा और जवानों का वफादार साथी था, जिसने देश सेवा में अपने प्राण न्यौछावर कर दिए।
