रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर, जो अपनी आदिम कला और संस्कृति के लिए प्रसिद्ध है, में 10 से 16 मई तक वेदांता सिटी, कांदूल में सात दिवसीय राष्ट्रीय प्रिंटकला (प्लेटोग्राफी) कार्यशाला का आयोजन हो रहा है। इस कार्यशाला का उद्घाटन प्रख्यात प्रिंटमेकर प्रो. व्ही. नागदास के नेतृत्व में किया गया, जिसमें देश के प्रसिद्ध प्रिंटमेकर और चित्रकार प्रो. अजित शील (शांति निकेतन, पश्चिम बंगाल), रमेन्द्रनाथ काश्ठा (कोलकाता, पश्चिम बंगाल), और प्रो. विजय बगोड़ी (बड़ोदरा, गुजरात) ने दीप प्रज्ज्वलन किया।

‘डॉट्स एंड लाइन्स’ नामक इस कार्यशाला का आयोजन रायपुर में पहली बार किया जा रहा है, जिसमें देशभर से प्रख्यात कलाकार और उभरते प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। इस कार्यशाला के आयोजनकर्ता प्रो. व्ही. नागदास ने बताया कि इसमें प्रो. अजित शील, रमेन्द्रनाथ काश्ठा, प्रो. विजय बगोड़ी, और प्रो. धनंजय पाठक (नागपुर, महाराष्ट्र) जैसे अनुभवी प्रिंटमेकर प्रतिभागियों को मार्गदर्शन प्रदान करेंगे।
कार्यशाला में भाग लेने वाले प्रतिभागियों में मोना गुप्ता (राउरकेला, झारखंड), दुर्गा दास (खैरागढ़, छत्तीसगढ़), मुक्ता यदू दास (रायपुर, छत्तीसगढ़), डॉ. अंबरीश मिश्र (प्रयागराज, उत्तर प्रदेश), अर्चना जैन (कोरबा, छत्तीसगढ़), डॉ. निशा चड्ढा (अंबाला, हिमाचल प्रदेश), हेमलता दत्त (बोकारो, झारखंड), सुकांत दास (रायपुर, छत्तीसगढ़), अंकिता दौलतबो और अन्य कलाकार शामिल हैं। इसके अलावा, औरंगाबाद, मध्य प्रदेश, बिहार और छत्तीसगढ़ के अन्य कलाकार भी इस आयोजन का हिस्सा बन रहे हैं।
प्रो. नागदास ने कहा कि यह कार्यशाला प्रिंटकला के क्षेत्र में नए विचारों और तकनीकों को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण मंच है, जिससे छत्तीसगढ़ की कला पहचान को और मजबूत किया जाएगा। यह आयोजन कला प्रेमियों के लिए एक बड़े अवसर के रूप में सामने आएगा।

